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अनमोल वचन शायरी

कौन क्या कहता है ?
घड़ी -समय मत गवाओ !
समुद्र -विसाल दिल रखो !
चीटी -निरंतर कर्म करते रहो !
वीरकच -परोपकारी बनो !
धरती -शहनशील बनो !
सूर्या -निरंतरता बनाये रखो !
गुलाब -दुःख में भी खुश रहो !
दीपक -दूसरों को रोशन करो !
कुत्ता -बफादार बनो !
कोयल -मीठा बोलो !
कौआ -चतुर बनो !


गुस्सा अकल को खा जाता है
अंधकार मन को खा जाता है
प्रायचित पाप को खा जाता है
लालच ईमान को खा जाता है
रिस्वत इन्शान को खा जाती है।

जो पत्थर आपकी मंजिल के रास्ते में बाधा डालता हो
और आपको उसी पत्थर को मंजिल की सीडी बनाना आ जाय
तो वो ही पत्थर आपको आपकी मंजिल तक पंहुचा देगा।

 लोग डूबते है तो समुन्दर को दोस देते है
मंजिल न मिले तो किस्मत को दोष देते है
खुद तो संभल कर चलते नहीं
जब लगती है ठोकर तो पत्थर को दोस देते है।

तेज स्वर में की गई प्रार्थना ईस्वर तक पहुंचे यह आबस्यक नहीं है
किन्तु सच्चे मन से की गई प्रार्थना जो भले मोन रख कर की गई हो
वह ईस्वर तक अवस्य पहुचती है।



झूठ बेवज़ा दलील देता है
सत्य खुद अपना बकील होता है।

एक दिन इन्शान ने भगवान से पूछा की
मेरे प्रेेम और आपके प्रेेम में क्या अंतर है ?
तो भगवान ने उत्तर दिया
पंछी हवा में उड़े तो मेरा प्रेम है
और पंछी पिंजरे में हो तो वो तेरा प्रेम है।

जो सपने देखते है और उनेह
पूरा करने की कीमत चुकाने को तयार रहते है
वे ही वो लोग है जो सफल होते है।

अगर हम गिरते है तो अधिक अच्छी तरह से
चलने का रहस्य सीख जाते है।

ज़िंदगी हसीन है इसे प्यार करो
हर रात की नई सुभाय का इंतजार करो
वो पल भी आयगा जिसका आपको इंतजार है
बस अपने रब पर भरोसा और बक्त पर ऐतवार करो।

हम अगर वो न कर सके जो आप चाहते है
तो कम से कम हमें इतनी समझ जरूर देना
की हम वो तो कतई न करे जो आप कभी नहीं चाहते।

उस इन्शान पर भरोसा करो --
जो आपके अंदर तीन बातें जान सके -
१-मुस्कराहट के पीछे दुःख
२ -गुस्से के पीछे प्यार
३ -चुप रहने के पीछे वजय।

कभी उसको नजर अंदाज मत करो जो तुम्हरी परवाह करता हो
वरना -किसी दिन तुम्हें अहसास होगा
पत्थर जमा करते करते तुमने हीरा गवा दिया।

किसी को हराना अभूत आसान है लेकिन
किसी को जीतना बहुत कठिन होता है।

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