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अनमोल वचन शायरी

किसी पर भरोसा करो तो आखिरी साँस तक करो 
या तो एक सच्चा दोस्त पाओगे या तो एक अच्छी शिक्षा।


माँ आपकी याद सताती है मेरे पास आ जाऊ 

थक गया हूँ--मुझे अपने आँचल में छुपा लो 
हाथ अपना फेर कर मेरे बालों में एक बार फिर से 
बचपन की लोरियाँ सुना दो।


 

माँ तू कितनी अच्छी है , मेरा सब कुछ करती है 
भूख मुझे जब लगती है , खाना मुझे खिलाती है 
जब में गन्दा होता हूँ , रोज मुझे नहलाती है
माँ मेरे दोस्तों में सबसे पहले तू ही आती है।


 

वो खुद ही तय करते है मंजिल आसमानों की
परिंदों को नहीं दी जाती तालीम उड़ानों की 

रखते है होंसला आसमान छूने का 
उनको नहीं परवाह कभी गिर जाने की
 

मंजिल मिल ही जायगी एक दिन भटकते- भटकते ही सही 
गुमराह तो वो है , जो घर से निकले ही नहीं
खुशियाँ मिल जायगी एक दिन रोते -रोते ही सही 

कमजोर दिल के है वो , हसने की सोचते ही नहीं।

न कोई राह आसान चाहिय 

न ही हमें कोई पहचान चाहिय 
एक ही चीज मांगते है रोज़ भगवान से 
अपनों के चहरे पर हर पल प्यारी सी मुस्कान चाहिय।

नींद अपनी भुला कर सुलाया हमको 
आंसू अपने गिरा के हँसाया हमको 
दर्द कभी न देना उन हस्तियों को 
खुदा ने माँ वाप बनाया जिनको।
 

मंजिल दूर और सफर बहुत है 
छोटी सी जिंदगी की फिकर बहुत है 
मार डालती ये दुनिया कब की हमें 
लेकिन माँ की दुयाओं में असर बहुत है।

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