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अनमोल वचन शायरी

अपनी पत्नी से पहली मुलाकात में कहो
आज से में तुम्हारा हुआ और तुम मेरी
मेरे माता पिता तुम्हारे हुए और
तुम्हारे माता पिता मेरे
आज से तुम इनकी बेटी और में उनका बेटा
ठीक है न।

जब तुम्हें बोलना नहीं आता था तब भी तुम्हारे माता पिता
तुमसे लाड कर के बोलते थे
क्युकिँ वे तुमसे बोलना चाहते थे
आज तुम्हें बोलना आता है फिर भी तुम उनसे
नहीं बोलते कितने करतिज्ञ हो तुम
माता पिता से दिन में 2 -5 मिनट बोल कर करतिज्ञ बनो।

अगर तुम जाग रहे हो तो सोतों को जगायो
क्युकी जागने का वक्त आ गया है
इस लिय अपनी तरह लोगो को धर्म व सत्संग
से जोड़ो और उनेह भी धार्मिक बनाओ।

अगर आप मालामाल होना चाहते है और
हमेसा मालामाल रहना चाहते है
तो दिन में एक बार माला गिनने से पहले
प्रभु नाम की माला जरूर गिनें
क्युकी माला +माल =मालामाल।


जी बोलकर जीना जीने की कला है
इसलिय हमेसा जी बोलें और जी भर जियें।


सभी मिलकर जब मेहनत करते है तो घर में
सम्पति बढ़ती है ऐसी तरह जब सभी मिलकर
पूजा प्रार्थना करते है तो घर में सन्ति बढ़ती है
धन के लिय ही नहीं सुख सन्ति के लिय भी
सामूहिक प्रयाश करे।

घर में स्वयं को सबसे अच्छा नहीं
घर के हर सदस्य को अपने से अच्छा माने
इसी से घर अच्छा बनेगा।

आप कितने भी खुश क्यों न हों
परन्तु किसी अपने को परेशान देखकर यह जरूर कहे
चिंता मत करो में हूँ न।
ये तीन शव्द जीवन में ऊर्जा भर देंगे।

भूल करने में पाप तो है ही
परन्तु उसे छिपाने में उससे भी बड़ा पाप है।

क्रोध एक प्रचंड अगनी है
जो मनुष्य इस अगनी को बस में कर सकता है , वह उसे बुझा देगा
जो मनुष्य अग्नि को बस में नहीं कर सकता
वह स्वयं अपने को जला लेगा।

बुराई से असहयोग करना मानव का पवित्र कर्तव्य है।


यह महत्वपूर्ड नहीं है की आपने कितना दान दिया है
बल्कि  महत्वपूर्ड यह है की देते समय आपने कितने प्रेेम से दिया।

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