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अनमोल वचन शायरी

घमण्डी के लिय कही कोई एश्वार नहीं
इर्शालो का कही कोई पडोसी नहीं और
क्रोधी का कोई मित्र नहीं।

हे! मालिक !
मेरी गुमराखियो मेरे दोस देखकर
उनेह अनदेखा कर देना
क्यों की में जिस महल में रहता हूँ
उसका नाम दुनिया है।

जो आपकी खामोसी से आपकी तकलीफ का अंदाज न कर सके
उसके सामने तकलीफ का जुबान से इज़हार करना सिर्फ
लफ्जों को जाया करना ही है।

खुद को गिरने न दे
क्यों की गिरी हुई इमारत की लोग इंट तक ले जाते है
और खड़ी इमारत को कोई हाथ भी नहीं लगाता।

तूने जब धरती पर पहली शांश ली
तब तेरे माता पिता तेरे पास थे
माता पिता जब अंतिम सांश ले तब तो उनके पास रहना।

माँ तेरे दुःख का हक़ मुझे अदा क्या होगा
तो है नाराज तो खुश मुझसे खुदा क्या होगा।

कहते है की पहला प्यार कभी भुलाया नहीं जाता
फिर पता नहीं लोग क्यों माँ -बाप  का प्यार भूल जाते है।

आपका खुश रहना ही आपके दुश्मनों के लिय सबसे बड़ी सजा है।

अपने बच्चो को पहले 5 साल तक खूब प्यार करो
6 साल से 15 साल तक कठोर अनुशासन और संश्कार दो
16 साल से उनके साथ दोस्ती करो
आपकी संतान ही आपकी सबसे अच्छी दोस्त है।

अधिक सीधा होना भी अच्छा नहीं होता है
सीधे पेड़ काट लिय जाते है और
टेड़े पैड खड़े रह जाते है।

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