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कोई व्यक्ति अपने कार्यों से महान होता है,
अपने जन्म से नहीं.
 
सर्प , नृप , शेर, डंक मारने वाले ततैया,
छोटे बच्चे , दूसरों के कुत्तों  ,
और एक मूर्ख: इन सातों को नीद से नहीं उठाना चाहिए.
 
जिस प्रकार एक सूखे पेड़ को अगर आग लगा दी जाये
तो वह पूरा जंगल जला देता है,
उसी प्रकार एक पापी पुत्र पुरे परिवार को बर्वाद कर देता है.
 
सबसे बड़ा गुरु मन्त्र है :
कभी भी अपने राज़ दूसरों को मत बताएं.
ये आपको बर्वाद कर देगा.
 
पहले पाच सालों में अपने बच्चे को बड़े प्यार से रखिये .
अगले पांच साल उन्हें डांट-डपट के रखिये.
जब वह सोलह साल का हो जाये तो उसके साथ एक मित्र की तरह व्यव्हार करिए.
आपके  व्यस्क बच्चे ही आपके सबसे अच्छे मित्र हैं.

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