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हिंदी शायरी 146 Anmol Vachan Hindi Shayari 146


   
अपने होंसले को ये मत बताओ
की तुमाहरी तकलीफ कितनी बड़ी है
अपनी तकलीफ को बताओ
की तुम्हारा होंसला कितना बड़ा है।
 

कठिन समय में समझ दार वियक्ति
रास्ता खोजता है और कायर बहाना।


जीवन में जख्म बड़े नहीं होते है
उनको भरने बाले बड़े होते है।


रिश्ते बड़े नहीं होते है
लेकिन उनको निभाने बाले बड़े होते है।


मनुष्य अपने अभाओ से इतना दुखी नहीं है
जितना दूसरे के प्रभाऊ से दुखी होता है।


हम केबल अपने ही बुरे कर्मो के कारन
दुखी होते है  इसलिय
दूसरों को दोस देना वियर्थ है।
क्यूकि कोई किसी का दीपक नहीं बुझाता
दीपक इसलिय बुझता है
क्यों की उसमे तेल कम होता है।


जब छोटे थे हम जोर से रोते थे
जो पसंद होता उसे पाने के लिय
आज बड़े हो गय तो चुपके से रोते है
जो पसंद है उसे भुलाने के लिय।

मैंने माँ की हथेली पर काला तिल देखा
और कहा माँ ये दौलत का तिल है
माँ ने अपने दोनों हाथों में अपना चहरा थामा और कहा
हाँ बेडा देखो मेरे दोनों हाथों में कितनी दौलत है।

बातें हवा के झोकें में जल्द ही फेल जाती है
जरा संभल कर बोलना
लोटी है तो रूप बदल आती है।

अच्छे लोगो का हमारी जिंदगी में आना
हमारी किस्मत होती है और
उनेह संभाल कर रखना हमारी हुनर।

इन्शान न कुछ हश कर सीखता है
न कुछ रो कर सीखता है
जब भी कुछ अलग सीखता है तो या
किसी का हो कर सीखता है  या
किसी को खो कर सीखता है।

 
कदमों को चाल तो दो।
दिशाएं निकल ही आएगीं
पुराने गम भुलाने को
नई खुसिया मिल ही जायगें। 


दुनिया में पैर भिगोये बिना समुन्दर तो पार किया जा सकता है
पर आँखें भिगोये बिना प्यार न किया जा सकता। 


ज्ञान अगर बुद्धि में रहे तो बोझ बनता है
और
जब वयवहार में आ जाय तो आचरण बनता है। 



अपनों को हमेशा अपना होने का अहसास दिलाओ
वरना
वक्त आपके अपनों को आपके बिना जीना सिखा देगा। 



जब भक्ति भोजन में प्रवेश करती है
तो भोजन प्रसाद बन जाता है
जब भक्ति पानी में प्रवेश करती है
तो पानी चरणामृत बन जाता है
जब भक्ति घर में प्रवेश करती है
तो घर मंदिर बन जाता है
और जब वह व्यक्ति में प्रवेश करती है
तो व्यक्ति भक्त बन जाता है।

 
उनका विश्बाश मत करो !
जिनकी भावनाएं बक्त के साथ बदल जाएं
विस्वाश उनका करो जिनकी भावनाएं वैसी ही रहे
जब आपका वक्त बदल जाय। 

 
दोपहर तक बिक गया बाजार का हर एक झूठ !
और में एक सच लेकर शाम तक बैठा ही रहा।
 
 
मुझे यह बात परेशान नहीं करती की 
किसी ने मुझसे झूठ बोला !बल्कि 
यह बात परेशान करती है की अबसे 
में उस पर विश्वाश नहीं कर पाउँगा।



2 comments:

Unknown said...

Dhanish Kumar

Media said...

Hi there, after reading this amazing post i am also delighted to share my knowledge here with friends.

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