Bannerad

हिन्दी शायरी



यह ज़रूरी है कि हम अपना दृष्टिकोण  और ह्रदय जितना सभव  हो अच्छा करें.
इसी से हमारे और अन्य लोगों के जीवन में,
अल्पकाल और  दीर्घकाल दोनों में ही खुशियाँ आयंगी.
 
प्रेम और करुणा आवश्यकताएं हैं,
विलासिता नहीं . उनके बिना मानवता जीवित नहीं रह सकती.
 

 
पुराने मित्र छूटते हैं ,
नए मित्र बनते हैं .
यह दिनों की तरह ही है.
एक पुराना दिन बीतता है,
एक नया दिन आता है.
महत्त्वपूर्ण यह है कि
हम उसे सार्थक बनाएं :
एक सार्थक मित्र  या एक सार्थक दिन.
 
काभी-कभी लोग कुछ कह कर अपनी एक प्रभावशाली छाप बना देते हैं,
और कभी-कभी लोग चुप रहकर अपनी एक प्रभावशाली छाप बना देते हैं.
 
अपनी क्षमताओं को जान कर और
उनमे यकीन करके ही हम एक बेहतर विश्व का नित्मान कर सकते हैं.

No comments: