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हिन्दी दोहे



बहुत दूर रह रहे पति पर कभी भरोसा मत करो,
और ना ही बहुत करीब रह रहे कुंवारे पर।

   

अपनी याददाश्त पर भरोसा मत करो ;
ये छिद्रों  से भरा जाल है;
सबसे खूबसूरत उपहार इससे निकल जाते हैं।



आपको किसी किसी चीज में विश्ववास करना ही होगा
अपने गट्स में, अपनी डेस्टिनी  में,
अपनी जिंदगी या फिर अपने कर्म में

  

किसी पर भरोसा किया जा सकता है
कि नहीं ये जानने का सबसे अच्छा तरीका है
उसपर भरोसा करना है।



वो जो अधिक भरोसा नहीं करता ,
उस पर भरोसा नहीं किया जायेगा।



बहुत अधिक भरोसा करने पर हो सकता है
आप धोखा खा जाएं ,
लेकिन यदि आप पर्याप्त भरोसा नहीं करेंगे तो आप पीड़ा में जियेंगे।

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