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हिन्दी दोहे



और तब वो निराश हो जाता है .
ये वो जगह नहीं जहाँ निराश हुआ जाए .



पांच प्रतिशत लोग सोचते हैं ,
दस प्रतिशत लोग सोचते हैं कि वे सोचते हैं ;
और बाकी बचे पचासी प्रतिशत लोग सोचने से ज्यादा मरना पसंद करते हैं .

  

मैं ये पता कर लेता हूँ कि दुनिया को क्या चाहिए .
फिर मैं आगे बढ़ता हूँ और उसका आविष्कार करने का प्रयास करता हूँ .

  

प्रकृति वास्तव में अद्भुत है .
केवल इंसान वास्तव में बेईमान है .






इस मिट्टी में कुछ अनूठा है ,
जो कई बाधाओं के बावजूद हमेशा महान आत्माओं का निवास रहा है.




यह हर एक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह यह अनुभव करे की उसका देश स्वतंत्र है
और उसकी स्वतंत्रता की रक्षा करना उसका कर्तव्य है.
हर एक भारतीय को अब यह भूल जाना चाहिए कि वह एक राजपूत है,
एक सिख या जाट है. उसे यह याद होना चाहिए
कि वह एक भारतीय है और उसे इस देश में हर अधिकार है
पर कुछ जिम्मेदारियां भी हैं.

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