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वचन शायरी



यदि आप खुद को ईश्वर के प्रेम की याद दिलाना चाहते है ,
तो बस सूर्योद देख लीजिये.
 
पानी और हवा ,
दो महत्त्वपूर्ण द्रव्य जिस पर हर प्रकार का जीवन निर्भर  करता  है ,
वैश्विक कचरे के डिब्बे बन गए हैं.
 
क्योंकि प्रकृति के लिए सामान्य मानव गतिविधि
इतिहास में घटी सबसे बड़ी परमाणु दुर्घटना से भी  बदतर है.”
 
फिर से बसंत गया है.
पृथ्वी एक बच्चे की तरह है
जिस कविताएँ अच्छी तरह से याद हैं.
 


 
 
 
हम इतने अभिमानी कैसे हो सकते हैं?
यह ग्रह हमेशा से हमसे शक्तिशाली था ,
है और रहेगा . हम इसे नष्ट नही कर सकते ,
अगर हम अपनी सीमा लांघते हैं
तो ये ग्रह बस हमें बस अपनी सतह से मिटादेगा
और खुद जीवित रहेगी .
वे इस बारे में बात क्यों नहीं शुरू करते
कि कहीं ये गृह हमारा ही विनाश ना कर दे .


ये गृह मर रहा है.
मानवजाति इसे नष्ट कर रही है
अगर पृथ्वी मरती है ,
तुम मरते हो. अगर तुम मरते हो पृथ्वी जीती है.
 
जब लोग मुझसे कहते हैं कि वे जिम नहीं ज्वाइन कर सकते हैं,
मैं कहता हूँ बहार जाओ ; पृथ्वी गृह एक जिम है और हम पहले से ही इसके सदस्य हैं.
दौड़ो , कूदो , पसीना बहाओ ,
और तुम्हारे पास जो प्राकृतिक सम्पदा है उसका आनंद उठाओ .
 
जन्म से ही , इंसान अपने कन्धों पर गुरुत्वाकर्षण का बोझ उठाये रहता है .
वह पृथ्वी से बंधा रहता है.  
लेकिन एक व्यक्ति को बस सतह से थोडा नीचे जाना होता है
और वो स्वतंत्र हो जाता है .
 
हम ऐसे बिंदु पर पहुँच रहे हैं जहाँ हमने पृथ्वी पर जो बोझ रखा है
यदि उसे खुद नहीं हटाते तो पृथ्वी को उसे हटाना होगा.
 
हम इतनी दूर चाँद का पता लगाने आये ,
और जो सबसे ज़रूरी चीज है वो ये कि हमने पृथ्वी को खोज लिया.

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