Bannerad

वचन शायरी



आकाश की तरफ देखिये. हम अकेले नहीं हैं.
सारा ब्रह्माण्ड हमारे लिए अनुकूल है
और जो सपने देखते हैं और मेहनत करते हैं
उन्हें प्रतिफल देने की साजिश करता है.
 
इंसान को कठिनाइयों की आवश्यकता होती है,
क्योंकि सफलता का आनंद उठाने कि लिए ये ज़रूरी हैं.
 
किसी भी धर्म में किसी धर्म को बनाए रखने
और बढाने के लिए दूसरों को मारना नहीं बताया गया.
 
मुझे बताइए , यहाँ का मीडिया इतना नकारात्मक क्यों है?
भारत में हम अपनी अच्छाइयों,
अपनी उपलब्धियों को दर्शाने में इतना शर्मिंदा क्यों होते हैं?
हम एक माहान राष्ट्र हैं.
हमारे पास ढेरों सफलता की गाथाएँ हैं,
लेकिन हम उन्हें नहीं स्वीकारते. क्यों?
 
अपने मिशन में कामयाब होने के लिए ,
आपको अपने लक्ष्य के प्रति एकचित्त निष्ठावान होना पड़ेगा.
 
    

पृथ्वी सभी मनुष्यों की ज़रुरत पूरी करने के लिए पर्याप्त संसाधन प्रदान करती है ,
लेकिन लालच पूरा करने के लिए नहीं.
 
पृथ्वी स्वर्ग से भरी हुई है
लेकिन यह केवल वही देख पाता है
जो अपने जूते उतारता है.
 

 
ये मत भूलो की धरती तुम्हारे पैरों को महसूस करके खुश होती है
और हवा तुम्हारे बालों से खेलना चाहती है.
 
हज़ारों थके , अचंभित ,
अति सभ्य लोग अब ये जानने लगे हैं
कि पहाड़ों पर जाना घर जाना है ;
कि जंगल एक ज़रुरत हैं

No comments: