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दोहे हिन्दी



यदि  स्वयं  में  विश्वास  करना 
और  अधिक  विस्तार  से  पढाया  और  अभ्यास  कराया   गया  होता  ,
तो  मुझे  यकीन  है  कि  बुराइयों 
और  दुःख  का  एक  बहुत  बड़ा  हिस्सा  गायब  हो  गया होता .


हमारा  कर्तव्य   है  कि  हम  हर  किसी  को  उसका  उच्चतम 
आदर्श  जीवन  जीने  के  संघर्ष  में  प्रोत्साहन  करें ;
और  साथ  ही  साथ  उस  आदर्श  को  सत्य  के 
जितना  निकट  हो  सके  लाने  का  प्रयास  करें .


एक विचार लो  . उस  विचार  को  अपना जीवन  बना  लो –
उसके  बारे  में  सोचो  उसके  सपने  देखो , उस  विचार  को  जियो  .
अपने  मस्तिष्क , मांसपेशियों , नसों ,
शरीर  के  हर  हिस्से  को  उस विचार में  डूब  जाने  दो ,
और  बाकी  सभी विचार  को  किनारे  रख  दो .
यही सफल  होने  का तरीका  है.




जिस  क्षण  मैंने  यह  जान  लिया  कि 
भगवान  हर एक  मानव  शरीर  रुपी  मंदिर  में  विराजमान  हैं ,
जिस  क्षण  मैं  हर  व्यक्ति  के  सामने  श्रद्धा  से  खड़ा  हो  गया 
और  उसके  भीतर  भगवान  को  देखने  लगा –
उसी  क्षण  मैं  बन्धनों  से  मुक्त   हूँ  ,
हर  वो  चीज  जो  बांधती  है  नष्ट   हो  गयी , 
और मैं  स्वतंत्र  हूँ .



वेदान्त  कोई  पाप  नहीं  जानता ,
वो  केवल  त्रुटी  जानता  है .
और  वेदान्त  कहता  है  कि  सबसे  बड़ी  त्रुटी  यह कहना  है 
कि तुम  कमजोर  हो , तुम  पापी  हो ,
एक  तुच्छ  प्राणी  हो ,
और  तुम्हारे  पास  कोई  शक्ति  नहीं  है 
और  तुम  ये  वो  नहीं  कर  सकते .

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