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हिन्दी दोहे



अपनी  अंदर  की  उस हल्की सी आवाज़ जो कहती है
क्या ये रोचक नहीं होता अगर…’,
पर भरोसा करिये और फिर उसे कर डालिये।


विश्वास मर जाता है
लेकिन अविश्वास फलता-फूलता रहता है।

  

जहाँ बहुत बड़ी रकम की बात हो ,
वहाँ किसी पर भरोसा ना करना उचित है।


अपना ट्रस्ट मनी में मत रखो ,
बल्कि अपनी मनी ट्रस्ट में रखो।


जीवन एक उपहार है ,
बस भरोसा करो- एक बच्चे की तरह।

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