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वचन शायरी



जो जीना चाहते हैं उन्हें लड़ने दो और
जो अनंत संघर्ष वाली इस दुनिया में नहीं लड़ना चाहते हैं
उन्हें जीने का अधिकार नहीं है .


 

मित्र  वो  है  जिसके  शत्रु  वही  हैं 
जो  आपके शत्रु  हैं .


औरत  ही  एक  मात्र  प्राणी  है 
जिससे  मैं  ये  जानते  हुए  भी  की  वो  मुझे  चोट  नहीं  पहुंचाएगी ,
डरता  हूँ .
 
प्रजातंत्र  लोगों  की ,
लोगों  के द्वारा ,
और  लोगों  के  लिए  बनायीं  गयी  सर्कार  है .
 
अगर  कुत्ते  की  पूँछ  को  पैर  कहें ,
तो  कुत्ते  के  कितने  पैर  हुए ?
चार . पूछ  को  पैर  कहने  से  वो  पैर  नहीं  हो  जाती .
 
मैं  जो भी  हूँ  , या  होने की  आशा  करता  हूँ ,

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