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वचन शायरी



मैं ईश्वर के साथ शांति से हूँ .
मेरा टकराव इंसानों के साथ है .
 
मैं ऐसी सुन्दरता के साथ धैर्यपूर्वक नहीं रह सकता 
जिसे समझने के लिए किसी को व्याख्या करनी पड़े .
 
 मैंने सोचा कि मैं बैगी पैंट,
बड़े जूते, एक छड़ी और एक डर्बी टोपी पहन कर तैयार होऊंगा .
सब कुछ उल्टा :पैंट  बैगी ,
कोट तंग, छोटी टोपी और बड़े जूते.
 

 
इंसानों की नफरत ख़तम हो जाएगी ,
तानाशाह मर जायेंगे, और
जो शक्ति उन्होंने लोगों से छीनी वो लोगों के पास वापस चली जायेगी .
और जब तक लोग मरते रहेंगे ,
स्वतंत्रता कभी ख़त्म नहीं होगी .
 
मैं सिर्फ और सिर्फ एक चीज रहता हूँ
और वो है एक जोकर .
ये मुझे राजनीतिज्ञों की तुलना में कहीं ऊँचे स्थान पर स्थापित करता है .
 

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