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Chandanpur Etawah



इन्द्रियों की पवित्रता और एक दयालु ह्रदय की आवश्यकता होती है.


राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है
मैं एक ऐसा पागल हूँ जो जेल में भी आज़ाद है.
 
यदि बहरों को सुनना है तो आवाज़ को बहुत जोरदार होना होगा.
जब हमने बम गिराया तो हमारा धेय्य किसी को मारना नहीं .
हमने अंग्रेजी हुकूमत पर बम गिराया था .
अंग्रेजों को भारत छोड़ना चाहिए और उसे आज़ाद करना चहिये.
 
किसी कोक्रांतिशब्द की व्याख्या शाब्दिक अर्थ में नहीं करनी चाहिए।
जो लोग इस शब्द का उपयोग या दुरूपयोग करते हैं
उनके फायदे के हिसाब से इसे अलग अलग अर्थ और अभिप्राय दिए जाते है.
 
ज़रूरी नहीं था की क्रांति में अभिशप्त संघर्ष शामिल हो।
यह बम और पिस्तौल का पंथ नहीं था.



आम तौर पर लोग चीजें जैसी हैं उसके आदि हो जाते हैं
और बदलाव के विचार से ही कांपने लगते हैं।

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